ईरान ने नागरिक ढांचे को बनाया निशाना, ‘सैन्य ताकत दिखाने’ की रणनीति?
dailyhulchul
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान द्वारा पड़ोसी देशों में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की घटनाओं ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल सैन्य जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करने की रणनीति भी है।
कतर विश्वविद्यालय के ईरान और खाड़ी मामलों के विश्लेषक लुसियानो ज़क्कारा के अनुसार, ईरान एक ही स्थान पर नहीं बल्कि लगभग दस जगहों पर एक साथ जवाबी कार्रवाई कर रहा है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि यदि ईरान पर हमला होगा तो उसका प्रभाव केवल एक देश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर असर डालेगा।
ज़क्कारा ने बताया कि ईरान यह दिखाना चाहता है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का असर पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ऊर्जा बाजार, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार इस संघर्ष से प्रभावित हो सकते हैं। उनका मानना है कि अमेरिका, क्षेत्रीय देश और ऊर्जा उपभोक्ता इस स्थिति को लंबे समय तक झेलने की स्थिति में नहीं हैं।
हालांकि, ईरान पर लंबे समय से लगे प्रतिबंधों के कारण उसकी अर्थव्यवस्था पहले ही दबाव में रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसी वजह से मौजूदा हालात का असर ईरान पर अपेक्षाकृत कम पड़ रहा है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, भले ही ईरान का निर्यात सीमित हो, फिर भी उसे आर्थिक रूप से टिके रहने में मदद कर रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की रणनीति से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। यदि नागरिक ढांचे को लगातार निशाना बनाया जाता है, तो इससे मानवीय संकट गहराने की आशंका भी है। फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हैं।
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