शीर्षक: ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर, अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई ने संभाली कमान
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मध्य-पूर्व में जारी तनाव और युद्ध के बीच ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया गया है। यह फैसला ईरान की शक्तिशाली संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने लिया, जो देश के सर्वोच्च नेता का चयन करती है।
अली खामेनेई की मौत हाल ही में हुए अमेरिकी-इजराइली हमलों के दौरान हुई थी, जिसके बाद ईरान में नेतृत्व को लेकर बड़ा संकट पैदा हो गया था। इस स्थिति में देश की धार्मिक और राजनीतिक संस्थाओं ने मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुनकर सत्ता की कमान सौंप दी।
कौन हैं मोजतबा खामेनेई
मोजतबा खामेनेई एक शिया धर्मगुरु और लंबे समय से ईरान की सत्ता के अंदरूनी दायरे में प्रभावशाली व्यक्ति माने जाते रहे हैं। उनका जन्म मशहद में हुआ था और उन्होंने क़ुम के धार्मिक संस्थानों में इस्लामी शिक्षा प्राप्त की। वे पहले भी अपने पिता के राजनीतिक और सुरक्षा मामलों से जुड़े कामों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।
हालांकि उन्होंने कभी कोई चुनावी पद नहीं संभाला, लेकिन ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और सत्ता के कई प्रभावशाली गुटों के साथ उनके मजबूत संबंध बताए जाते हैं। इसी वजह से उन्हें लंबे समय से अली खामेनेई का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था।
सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ा तनाव
मोजतबा खामेनेई के सुप्रीम लीडर बनने के साथ ही ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहा तनाव और बढ़ सकता है। क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण कई देशों ने चिंता जताई है और मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से ईरान की नीतियों में कठोर रुख जारी रह सकता है, क्योंकि मोजतबा खामेनेई को कट्टरपंथी विचारधारा के करीब माना जाता है।
ऐतिहासिक फैसला
ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह केवल तीसरी बार है जब देश को नया सुप्रीम लीडर मिला है। मोजतबा खामेनेई का चयन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह पहली बार है जब इस पद पर पिता के बाद बेटे को नियुक्त किया गया है, जिससे देश में वंशवादी राजनीति पर भी बहस तेज हो गई है।
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