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ईरान की सत्ता में नया चेहरा: कौन हैं मोजतबा खामेनेई?

dailyhulchul

9 March, 2026 5 मिनट पढ़ें
ईरान की सत्ता में नया चेहरा: कौन हैं मोजतबा खामेनेई?

ईरान में जारी युद्ध और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच मोजतबा खामेनेई अचानक वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गए हैं। उन्हें ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है, जो देश की सर्वोच्च राजनीतिक और धार्मिक सत्ता मानी जाती है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ रहा है और ईरान का नेतृत्व बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

पिता की मौत के बाद सत्ता परिवर्तन

ईरान के लंबे समय तक सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद नेतृत्व का सवाल सामने आया। उनकी मौत कथित तौर पर अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के दौरान हुई, जिसके बाद ईरान के शीर्ष धार्मिक निकाय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने नए नेता के चयन की प्रक्रिया शुरू की। इसी प्रक्रिया के तहत मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया।

कौन हैं मोजतबा खामेनेई?

मोजतबा खामेनेई का जन्म 1969 में ईरान के मशहद शहर में हुआ था। वह अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं और लंबे समय से ईरान की सत्ता के अंदरूनी हलकों में प्रभावशाली माने जाते रहे हैं। उन्होंने क़ोम के धार्मिक मदरसे में इस्लामी शिक्षा प्राप्त की और एक शिया मौलवी के रूप में जाने जाते हैं।

हालाँकि उन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा और न ही कोई बड़ा सार्वजनिक सरकारी पद संभाला, लेकिन माना जाता है कि वे वर्षों से अपने पिता के करीबी सलाहकार और सत्ता तंत्र के अहम हिस्से रहे हैं।

सुरक्षा तंत्र से मजबूत संबंध

विश्लेषकों के अनुसार मोजतबा के ईरान के शक्तिशाली सुरक्षा तंत्र, खासकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से गहरे संबंध रहे हैं। 2009 के विवादित चुनावों के दौरान विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने में भी उनका नाम सामने आया था।

विवाद और आलोचना

उनकी नियुक्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस भी हो रही है। आलोचकों का कहना है कि यह फैसला ईरान में “वंशानुगत सत्ता” की तरह दिखता है, क्योंकि पहली बार किसी सुप्रीम लीडर का बेटा उसी पद पर पहुंचा है। वहीं समर्थकों का मानना है कि मौजूदा युद्ध और संकट के समय में सत्ता की निरंतरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

युद्ध के बीच नई चुनौती

मोजतबा खामेनेई ऐसे समय में सत्ता संभाल रहे हैं जब ईरान अमेरिका और इज़राइल के साथ गंभीर टकराव के दौर से गुजर रहा है। क्षेत्रीय तनाव, तेल बाजार में अस्थिरता और मध्य-पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच उनका नेतृत्व आने वाले समय में ईरान की दिशा तय करेगा।

निष्कर्ष:
मोजतबा खामेनेई का सत्ता में आना ईरान की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि नए सुप्रीम लीडर के नेतृत्व में ईरान आने वाले संकटों का सामना किस तरह करता है।

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