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बिहार चुनाव 2025: NDA भारी बढ़त के साथ जीत की ओर, नीतीश कुमार पांचवीं बार CM बनने की तैयारी

dailyhulchul

14 November, 2025 5 मिनट पढ़ें
बिहार चुनाव 2025: NDA भारी बढ़त के साथ जीत की ओर, नीतीश कुमार पांचवीं बार CM बनने की तैयारी

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (NDA) भारी जीत की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार पांचवीं बार सत्ता में बने रहने की तैयारी में हैं। नवीनतम रुझानों के अनुसार, गठबंधन 243 में से 204 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। नीतीश कुमार राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री हैं।

दोपहर 2:45 बजे तक के रुझानों में NDA ने अपनी 2020 की सफलता को पार कर लिया, जब उसने 122 सीटें जीती थीं। दूसरी ओर, महागठबंधन केवल 32 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि प्रशांत किशोर की जन सरकार पार्टी (Jan Suraaj Party) एक भी सीट नहीं जीत पाई।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव रघोपुर सीट से आगे चल रहे हैं। दोनों गठबंधनों के प्रमुख उम्मीदवारों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, जन शक्ति जनता दल (JJD) के तेज प्रताप, और बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश कुमार शामिल हैं।

मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई थी। अधिकांश एग्जिट पोल्स ने NDA की पूरी जीत का अनुमान लगाया था, जिसमें JD(U) भी शामिल है। तेजस्वी यादव ने इन भविष्यवाणियों को खारिज करते हुए दावा किया कि महागठबंधन एक बड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाएगा।

राज्य में दो चरणों में हुए 243 सदस्यीय विधानसभा चुनाव (6 और 11 नवंबर) में ऐतिहासिक 67.13% मतदान दर्ज किया गया।

मुख्य बिंदु

  • युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
  • 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
  • क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं

"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"

— डॉ. राजेश कुमार, राजनीतिक विश्लेषक, JNU

सांख्यिकी और तथ्य

67%
युवा मतदाता पंजीकरण में वृद्धि
45%
युवा राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी
78%
सोशल मीडिया पर राजनीतिक कंटेंट शेयर करते हैं
5.2M
नए युवा मतदाता रजिस्ट्रेशन

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड अगले कुछ वर्षों में और भी मजबूत होगा। डिजिटल लिटरेसी और राजनीतिक जागरूकता का यह संयोजन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नया अध्याय लिख रहा है।

आगे का रास्ता

यह स्पष्ट है कि युवा पीढ़ी न केवल वोट देने में रुचि रखती है, बल्कि नीति निर्माण, सामाजिक मुद्दों और राष्ट्रीय विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहती है। राजनीतिक दलों और सरकारों को इस बदलते परिदृश्य को समझकर अपनी रणनीति तैयार करनी होगी।

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