अफगान अफगानी अब भारतीय रुपए से मजबूत – एक चौंकाने वाला मुद्रा उलटफेर
dailyhulchul
दक्षिण एशिया के वित्तीय विशेषज्ञों को हैरान करते हुए, अफगान अफगानी (AFN) ने आधिकारिक तौर पर भारतीय रुपए (INR) को पीछे छोड़ दिया है।
आज की स्थिति: 1 अफगान अफगानी = ₹1.343 (दो साल पहले यह सिर्फ ₹0.90 था) यानी 1 लाख अफगानी = ₹1.34 लाख से ज्यादा
यह नाटकीय उछाल तब आया है जब अफगानिस्तान तालिबान के सख्त शासन, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, जमे हुए संपत्तियों और दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक का सामना कर रहा है।
अफगानी अचानक इतना मजबूत क्यों हो गया?
- तालिबान की द अफगानिस्तान बैंक ने डॉलर और अन्य विदेशी मुद्राओं के स्थानीय लेन-देन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है
- देश में अरबों डॉलर की नकद मानवीय सहायता लगातार आ रही है
- सख्त पूंजी नियंत्रण और बहुत कम आयात के कारण विदेशी मुद्रा की कृत्रिम कमी पैदा हो गई है
अर्थशास्त्री इसे “मुद्रा विरोधाभास” कह रहे हैं – अफगानी मजबूत नहीं इसलिए है क्योंकि अर्थव्यवस्था फल-फूल रही है, बल्कि इसलिए क्योंकि विदेशी मुद्रा को जानबूझकर सिस्टम से बाहर रखा गया है।
इधर, भारतीय रुपया वैश्विक तेल कीमतों, व्यापार घाटे और पूंजी निकासी के दबाव में लगातार कमजोर हो रहा है।
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