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नांदेड़ में सनसनीखेज ऑनर किलिंग: प्रेमी की हत्या के लिए किशोरी ने पिता-भाइयों को फांसी की सजा मांगी

dailyhulchul

1 December, 2025 5 मिनट पढ़ें

नांदेड़ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है। 18 साल की आंचल मामिलवाड का प्रेमी 25 साल का सक्षम ताटे गुरुवार शाम को बेरहमी से मार डाला गया। आंचल का आरोप है कि उसके अपने पापा गजानन मामिलवाड, भाई हिमेश और साहिल ने सिर्फ इसलिए सक्षम की हत्या कर दी क्योंकि वह बौद्ध समुदाय से था और दोनों अलग-अलग जाति के थे। इसे पुलिस और लोग “ऑनर किलिंग” बता रहे हैं।

दोनों कई महीनों से एक-दूसरे से प्यार करते थे और अगले महीने शादी करने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन आंचल का परिवार इस रिश्ते को किसी भी कीमत पर नहीं मान रहा था। सक्षम को झांसे में बुलाया गया। जूना गंज इलाके में पहले उस पर पास से गोलियाँ चलाई गईं, फिर भारी पत्थर से सिर कुचल दिया गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

दुख और गुस्से से भरी आंचल ने अपने पूरे परिवार से रिश्ता तोड़ लिया है। उसने साफ कहा है, “मैं अपने पापा और भाइयों को फांसी पर लटकते देखना चाहती हूँ। अब मैं जिंदगी भर अपने प्रेमी की माँ के साथ रहूंगी।” पोस्टमॉर्टम से पहले आंचल ने सक्षम के शव के साथ सिंदूर लगाया, मंगलसूत्र पहना और प्रतीकात्मक रूप से शादी कर ली। उसने कहा, “उन्होंने उसे मार डाला, लेकिन हम हार नहीं माने। मौत में भी मेरा प्रेमी जीत गया।”

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। आंचल के पापा गजानन, दोनों भाई हिमेश-साहिल और उनके दो साथियों जयश्री ठाकुर व सोमेश लाखे को गिरफ्तार कर लिया गया। एक नाबालिग लड़के को भी पकड़ा गया है, उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। हत्या, साजिश और SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। हथियार अभी बरामद होना बाकी है।

इलाके में हिंदू और बौद्ध दोनों समुदाय के लोग रहते हैं, इसलिए तनाव न फैले, इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। यह घटना फिर से याद दिलाती है कि हमारे देश में आज भी अंतरजातीय प्यार की वजह से कितनी जिंदगियाँ बर्बाद हो रही हैं। आंचल सिर्फ न्याय चाहती है और अपने परिवार वालों को सबसे सख्त सजा दिलाना चाहती है। जांच अभी जारी है और आंचल का बयान इस केस में सबसे बड़ा सबूत होगा।

मुख्य बिंदु

  • युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
  • 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
  • क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं

"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"

— डॉ. राजेश कुमार, राजनीतिक विश्लेषक, JNU

सांख्यिकी और तथ्य

67%
युवा मतदाता पंजीकरण में वृद्धि
45%
युवा राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी
78%
सोशल मीडिया पर राजनीतिक कंटेंट शेयर करते हैं
5.2M
नए युवा मतदाता रजिस्ट्रेशन

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