दिल्ली: लिव-इन पार्टनर की हत्या के बाद पत्नी-साले ने की शव छिपाने की कोशिश, तीनों गिरफ्तार
dailyhulchul
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के छावला इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। शराब के नशे में 35 साल के वीरेंद्र ने अपनी 44 साल की लिव-इन पार्टनर की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के फौरन बाद उसने अपनी कानूनी पत्नी पूनम (31) और साले चेतन (21) को फोन किया। दोनों हरियाणा के चरखी दादरी से इलेक्ट्रिक स्कूटर पर दिल्ली पहुँचे और तीनों ने मिलकर महिला के शव को कार में ठूँस दिया।
घटना 26 नवंबर की रात की है। वीरेंद्र और उसकी लिव-इन पार्टनर किराए के मकान में शराब पी रहे थे। छोटी-सी कहासुनी इतनी बढ़ी कि वीरेंद्र ने महिला को बिस्तर पर दबोच लिया और कोहनी से उसका गला दबाकर मार डाला। हत्या के बाद उसने मदद के लिए पुलिस या एम्बुलेंस को फोन करने की बजाय अपनी असली पत्नी और साले को बुला लिया।
पूनम और चेतन रात में ही पहुँच गए। तीनों ने मिलकर शव को सीढ़ियों से नीचे उतारा और बाहर खड़ी कार में डाला। योजना थी कि शव को कहीं दूर फेंककर सारे सबूत मिटा देंगे। नशे में धुत वीरेंद्र कार स्टार्ट तो की, लेकिन सिर्फ 100 मीटर चलाने के बाद गाड़ी बीच रास्ते में छोड़कर घर लौट आया और सो गया।
अगली सुबह 27 नवंबर को करीब 9 बजे एक पड़ोसी ने कार में लाश देखी और पुलिस को खबर की। पुलिस जब घर पहुँची तो वीरेंद्र खर्राटे ले रहा था। उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया और उसने हत्या कबूल कर ली। तकनीकी जाँच और गुप्त सूचना के आधार पर 28 नवंबर को पूनम और चेतन को भी पकड़ लिया गया।
पुलिस ने उस रात के खून से सने कपड़े, इलेक्ट्रिक स्कूटर और अन्य फॉरेंसिक सबूत बरामद कर लिए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “पूनम और चेतन ने वीरेंद्र की पूरी मदद की थी। शव को कार तक ले जाने में भी उन्होंने हाथ बटाया।”
जाँच में पता चला कि दोनों दो साल से साथ रह रहे थे। मृतका ने पालम में अपना मकान बेचा था। उसी पैसे से अगस्त 2025 में छावला में तीन मंजिला इमारत वीरेंद्र के नाम पर खरीदी गई थी। बिक्री से बचे 21 लाख रुपये भी उसके पास थे, जिसको लेकर लगातार झगड़े होते थे। यही झगड़े आखिरकार जानलेवा साबित हुए।
तीनों पर हत्या, सबूत मिटाने की साजिश और साझा इरादे के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल सभी पुलिस हिरासत में हैं।
हमारी संवेदना मृतका के परिवार के साथ है। अगर आपको या आपके किसी अपने को घरेलू हिंसा का शिकार बनना पड़ रहा हो तो तुरंत 112 या महिला हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें।
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