पुतिन भारत पहुंचेंगे — मोदी संग 48 घंटे का हाई-प्रोफाइल एजेंडा शुरू!
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दुनिया की बड़ी खबर! रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज शाम भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंचे, जहाँ उनका दो दिन का महत्वपूर्ण राजकीय दौरा आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। यह यात्रा चार वर्षों बाद हो रही है और ऐसे समय में जब वैश्विक मंच पर भू-राजनीतिक तनाव, रूस-यूक्रेन संघर्ष और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरण नए मोड़ पर हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुलाकात भारत-रूस संबंधों के लिए एक बड़ा ‘रीसेट मोमेंट’ साबित हो सकती है।
पुतिन के आगमन के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच आज शाम एक निजी डिनर मीटिंग हुई, जिसमें रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार विस्तार, इंडो-पैसिफिक और वैश्विक संघर्ष की स्थिति पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है। यह बिना किसी औपचारिकता के सीधी और स्पष्ट कूटनीतिक बातचीत का मौका माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच इस वर्ष पहले भी पांच बार फोन वार्ता हो चुकी है, साथ ही वे हाल ही में टियांजिन में SCO सम्मेलन में मिले थे।
उनके दौरे का आधिकारिक कार्यक्रम कल सुबह से शुरू होगा, जिसमें पुतिन सबसे पहले राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा। दिन के दौरान हैदराबाद हाउस में भारत-रूस शिखर वार्ता होगी, जिसमें दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग का विस्तार, तकनीकी और अंतरिक्ष साझेदारी, खनन, स्वास्थ्य-सेवा, डिजिटल नवाचार और श्रम-माइग्रेशन जैसे विषयों पर विस्तृत संवाद होने वाला है। यह बैठक वर्किंग लंच के दौरान भी जारी रहेगी।
दोपहर के समय पुतिन इंडिया-रशिया बिज़नेस फोरम को संबोधित करेंगे, जहाँ दोनों देशों के उद्योगपतियों, निवेशकों और व्यवसायिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति में बड़े निवेश और साझेदारियों के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन के सम्मान में राज्य भोज देंगी और इसके बाद रात लगभग 9:30 बजे पुतिन भारत से प्रस्थान करेंगे।
उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरे में 2030 आर्थिक सहयोग रोडमैप, बड़े रक्षा समझौते, परमाणु और ऊर्जा क्षेत्र में संयुक्त प्रोजेक्ट तथा मीडिया सहयोग के तहत RT TV India लॉन्च सहित कई महत्वपूर्ण समझौते संभव हैं। बीते वर्ष भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार 63.6 अरब डॉलर तक पहुँच गया था, जो 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ऐतिहासिक स्तर है। ऐसे में यह यात्रा आर्थिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम मानी जा रही है।
भारत-रूस संबंध लंबे समय से “स्पेशल और प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के रूप में देखे जाते रहे हैं, और यह दौरा साबित करता है कि बदलती दुनिया में दोनों देशों की मित्रता अब भी मजबूत और प्रासंगिक है। भारत के लिए इस यात्रा से ऊर्जा की कीमतों, रक्षा क्षमता, अंतरिक्ष कार्यक्रमों और रोजगार के अवसरों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
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