युद्धविराम के बावजूद गाज़ा पर हमले जारी, इज़रायल ने सैन्य बजट $34 अरब किया तय
dailyhulchul
10 अक्टूबर को घोषित युद्धविराम के बावजूद, इज़रायली सेना ने गाज़ा के दक्षिणी शहर खान यूनुस के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में तोपों की गोलाबारी, भारी गोलीबारी और हेलीकॉप्टर गनशिप हमले किए हैं। मैदान में मौजूद पत्रकारों के अनुसार, इस बढ़ते सैन्य अभियान ने क्षेत्र में फिर से पूर्ण युद्ध छिड़ने का डर बढ़ा दिया है।
गाज़ा सिटी से अल जज़ीरा के संवाददाता हानी महमूद के मुताबिक, निरंतर युद्धविराम उल्लंघनों के कारण गाज़ा के लोग इज़रायल के जनसंहारक सैन्य अभियान की पुनः शुरुआत से भयभीत हैं।
इसी बीच, इज़रायल ने अगले साल के लिए 112 अरब शेकेल ($34 अरब) का सैन्य बजट तय किया है, जो पहले के मसौदे में रखे गए 90 अरब शेकेल ($27 अरब) से काफी अधिक है। रक्षा मंत्री कार्यालय के अनुसार, यह बढ़ा हुआ बजट चल रहे संघर्ष के बीच सैन्य खर्च प्राथमिकताओं को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह इशारा और लंबा एवं अधिक तीव्र युद्ध की दिशा में हो सकता है।
अक्टूबर 2023 से अब तक, गाज़ा पर इज़रायली हमलों में कम से कम 70,125 फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं, जबकि 171,015 घायल हुए हैं, ऐसी जानकारी घिरे हुए क्षेत्र के स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी है।
वहीं 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमलों में इज़रायल में 1,139 लोग मारे गए और करीब 200 लोगों को बंदी बनाया गया था।
मानवीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि गाज़ा में व्यापक विनाश, बड़े पैमाने पर विस्थापन और भोजन, पानी व दवाओं की गंभीर कमी के कारण हालात लगातार और खराब होते जा रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
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