इंडिगो में तीसरे दिन भी हाहाकार: पायलटों की कमी से सैकड़ों उड़ानें रद्द, हजारों यात्री फंसे
dailyhulchul
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGO में पिछले तीन दिनों से जारी अव्यवस्था ने यात्री यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगभग 60% घरेलू बाजार पर कब्जा रखने वाली और रोज़ 2,000 से अधिक उड़ानें संचालित करने वाली IndiGO के संचालन में आई भारी बाधा ने पीक ट्रैवल सीजन में हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट पर फंसने पर मजबूर कर दिया है।
शुक्रवार को दिल्ली एयरपोर्ट से IndiGO की सभी प्रस्थान उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि मुंबई और अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली। एयरलाइन ने सैकड़ों उड़ानें रद्द की हैं और कई में गंभीर देरी हुई है।
क्या है संकट की वजह?
DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए क्रू रोस्टरिंग नियमों के बाद पायलट उपलब्धता में भारी कमी होने से संचालन चरमरा गया। नए नियमों के तहत:
- रात में लैंडिंग की अधिकतम सीमा 6 से घटाकर 2 प्रति सप्ताह कर दी गई है।
- पायलटों के आराम के समय को बढ़ाने के प्रावधान।
DGCA ने कहा कि IndiGO इन बदलावों के लिए तैयार नहीं थी, जिससे “misjudgment and planning gaps” पैदा हुए।
समस्या की शुरुआत सप्ताह की शुरुआत में हुई थी लेकिन शुक्रवार को स्थिति अचानक बिगड़ गई। IndiGO का कहना है कि स्थिति 10 फरवरी 2026 तक सामान्य हो जाएगी और 8 दिसंबर से उड़ानों की संख्या कम की जाएगी ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
एयरलाइन और सरकार की प्रतिक्रिया
IndiGO ने फंसे यात्रियों को होटल, भोजन और रद्दीकरण व री-शेड्यूलिंग पर छूट देने की घोषणा की है। एयरलाइन ने DGCA से नियमों में अस्थायी छूट का भी अनुरोध किया है और रोस्टरिंग सिस्टम को पुनर्गठित किया जा रहा है।
DGCA ने IndiGO से विस्तृत रिकवरी प्लान मांगा है जिसमें पायलट भर्ती, प्रशिक्षण और सुरक्षा मूल्यांकन की जानकारी शामिल होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आंशिक छूट दी गई है, जिससे पायलटों की छुट्टी और साप्ताहिक आराम को मिलाने में कुछ राहत मिल सकती है।
उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंदजापारू ने एयरलाइन के संचालन पर नाराज़गी व्यक्त की और कहा कि सरकार स्थिति पर कड़ी निगरानी रखे हुए है। यात्रियों को यात्रा से पहले उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह जारी की गई है।
यात्रियों में रोष
सोशल मीडिया पर यात्रियों ने कमज़ोर संचार, लंबी कतारों और भोजन-पानी की कमी को लेकर जमकर नाराज़गी जताई। कई हवाई अड्डों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की।
एक प्रमुख घटना में सिंगापुर के भारत में हाई कमिश्नर साइमन वोंग भी एयरपोर्ट पर फंस गए और स्टाफ की शादी में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा— “Lost for words.”
सुरक्षा पर बड़ा सवाल
Airline Pilots Association of India ने नियमों में किसी भी प्रकार की छूट को “उड़ान सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा” बताया और कहा कि इससे यात्रियों की सुरक्षा से समझौता होगा।
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
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