बंगाल में ‘बाबरी मस्जिद’ का नया विवाद: हाईकोर्ट ने हाथ खींचे, फाउंडेशन कार्यक्रम से पहले भारी सुरक्षा
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बेलडांगा (मुर्शिदाबाद), पश्चिम बंगाल | 6 दिसंबर 2025 – पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक नया बाबरी मस्जिद विवाद खड़ा हो गया है। निलंबित तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर आज दोपहर बेलडांगा में 1992 में ढहाई गई बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति (रेप्लिका) का शिलान्यास करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम ठीक उसी दिन हो रहा है जब बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी है।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस कार्यक्रम को रोकने से इनकार कर दिया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी ममता बनर्जी सरकार पर डाल दी है। इलाके में भारी पुलिस और केंद्रीय बल तैनात कर दिए गए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा – कानून-व्यवस्था राज्य की जिम्मेदारी
शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अगुवाई में) ने कार्यक्रम रोकने की याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता के वकील सब्यसाची मुखर्जी ने दलील दी थी कि कबीर के भड़काऊ बयान से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है।
कोर्ट ने कहा कि शांति भंग होने से रोकना राज्य सरकार का काम है। सुनवाई के बाद वकील मुखर्जी ने कहा, “हमने सिर्फ शांति भंग होने की आशंका जताई थी। किसी की धार्मिक भावना आहत करने का इरादा नहीं था। अब राज्य सरकार और केंद्र को कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी। केंद्र ने सीएपीएफ की तैनाती का आश्वासन दिया है और फोर्स रूट मार्च कर रही है।”
तृणमूल सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहेगा। हुमायूं कबीर ने फैसले को “संविधान की जीत” बताया और कहा कि कार्यक्रम तय समय पर होगा।
कबीर का ऐलान: 12 दिसंबर को नई पार्टी
तृणमूल से निलंबित हुमायूं कबीर ने कहा, “कोर्ट ने साफ कर दिया कि कानून-व्यवस्था राज्य की जिम्मेदारी है। यहां कई थाने हैं, पुलिस भरपूर है। हमारे 2,000 वॉलंटियर भी रहेंगे। कोई अनहोनी नहीं होने देंगे।”
उन्होंने दावा किया कि बेहरामपुर से प्लासी तक 40 किलोमीटर का रास्ता लाखों लोगों से खचा-खच भरा रहेगा। कबीर ने यह भी घोषणा की कि 12 दिसंबर को वे तृणमूल से इस्तीफा देकर अपनी नई पार्टी लॉन्च करेंगे।
तृणमूल ने की कार्रवाई, बीजेपी ने दी चेतावनी
तृणमूल ने कबीर को “सांप्रदायिक राजनीति” करने के लिए निलंबित कर दिया है। कोलकाता मेयर और मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा, “कबीर रेजिनगर के रहने वाले हैं, भरतपुर से विधायक हैं, फिर बेलडांगा में मस्जिद क्यों? क्योंकि बेलडांगा सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील है। वहां दंगा कराना आसान है, इससे चुनाव से पहले बीजेपी को फायदा होगा। हम तीन बार चेतावनी दे चुके थे। अब पार्टी चेयरपर्सन और महासचिव के निर्देश पर उन्हें निलंबित किया गया है।”
बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने कड़ी चेतावनी दी: “अगर कबीर यहां बाबरी मस्जिद बनाने की कोशिश करेंगे तो हम उन्हें बाबर के पास भेज देंगे। कोई शिलान्यास नहीं होगा, ये सब ड्रामा है। भारत हिंदू बहुल देश है। मस्जिद बन सकती है, लेकिन ‘बाबरी’ नाम से बनाना संविधान का अपमान है।”
मुर्शिदाबाद में छावनी जैसे हालात
अप्रैल 2025 में मुर्शिदाबाद में हुए सांप्रदायिक दंगों की याद अभी ताजा है। तब 19 कंपनी केंद्रीय बल तैनात किए गए थे। इस बार भी पहले से मौजूद सीएपीएफ यूनिट रूट मार्च कर रही हैं। राज्य पुलिस को भी भारी संख्या में लगाया गया है। जरूरत पड़ी तो और बल भेजने की तैयारी है।
मुख्य बिंदु
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- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
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