थाईलैंड ने कम्बोडिया सीमा पर एयरस्ट्राइक शुरू की, झड़प में 5 की मौत से बढ़ा तनाव
dailyhulchul
बैंकॉक। दक्षिण–पूर्व एशिया में एक बार फिर युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है। थाईलैंड और कम्बोडिया के बीच सीमा पर सोमवार को हुई हिंसक झड़पों ने दोनों देशों के संबंधों में नई दरार डाल दी है। गोलीबारी में एक थाई सैनिक और चार कम्बोडियाई नागरिकों की मौत के बाद थाईलैंड ने कम्बोडिया सीमा के पास एयरस्ट्राइक शुरू कर दी, जिसके बाद तनाव तेजी से बढ़ गया।
यह घटना सोमवार सुबह करीब 5:05 बजे थाईलैंड के सिसाकेत और कम्बोडिया के Oddar Meanchey और Preah Vihear प्रांतों के मध्य हुई। थाई सेना का दावा है कि कम्बोडियाई सैनिकों ने पहले हमला किया, जिसमें एक सैनिक की मौत हो गई और कम से कम 8 जवान घायल हुए। जवाब में थाई वायुसेना ने “सप्रेसन ऑपरेशन” के तहत हवाई कार्रवाई की। इससे एक दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच करीब 20 मिनट तक गोलीबारी हुई थी।
कम्बोडिया इस दावे से सहमत नहीं है। उसका आरोप है कि बिना किसी उकसावे के थाई सेना ने गोलीबारी शुरू की और कम्बोडिया ने “अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान करते हुए” कोई जवाबी हमला नहीं किया। कम्बोडियाई अधिकारियों ने झड़प में 4 नागरिकों की मौत और 10 से अधिक के घायल होने की पुष्टि की है।
इवैक्यूएशन जारी, स्कूल बंद
सीमा क्षेत्र में हालात तेजी से बिगड़ते देख प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। थाई सरकार करीब 35,000 लोगों को सीमा से दूर ले जा चुकी है, जबकि कम्बोडिया में हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
इतिहास में भी विवाद रहा है गर्म
थाईलैंड–कम्बोडिया के बीच 817 किलोमीटर लंबी सीमा 1907 में फ्रांसीसी शासनकाल के दौरान निर्धारित की गई थी। तब से लेकर अब तक कई बार इस सीमा पर संघर्ष भड़क चुका है। 2011 में दोनों देशों के बीच एक सप्ताह चली तोपबारी में दर्जनों लोग मारे गए थे।
हाल ही में जुलाई में हुई 5 दिनों की लड़ाई में कम से कम 48 लोग मारे गए और 3 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा। इसके बाद मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में शांति समझौता हुआ था, जिसे पिछले महीने थाईलैंड ने निलंबित कर दिया—जब एक लैंडमाइन विस्फोट में उसका सैनिक गंभीर रूप से घायल हुआ। कम्बोडिया ने उस विस्फोट की जिम्मेदारी से इनकार किया था।
नेताओं की अपील – संयम रखें, पर तैयारी पूरी
थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चान्विराकुल ने कहा:
“थाईलैंड कभी हिंसा नहीं चाहता, लेकिन सीमा और संप्रभुता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेगा।”
वहीं कम्बोडिया के सूचना मंत्री नेथ फेअक्ट्रा ने कहा कि थाई हमलों में निर्दोष नागरिक मारे जा रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन ने सैनिकों से संयम रखने और “थाईलैंड द्वारा शांति समझौते को तोड़ने की साजिश” से सावधान रहने को कहा। उन्होंने संदेश दिया कि दक्षिण–पूर्व एशिया गेम्स, जो मंगलवार से थाईलैंड में शुरू होने वाले हैं, सामान्य रूप से जारी रहें।
थाई सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल विनथाई सुवरी का कहना है कि एयरस्ट्राइक सीमित दायरे में हैं और सुरक्षा हेतु की गई हैं, लेकिन सेना हर स्थिति के लिए तैयार है।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय चिंता
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने गहरी चिंता जताते हुए कहा:
“हमारा क्षेत्र लगातार संघर्ष झेलने की स्थिति में नहीं है। दोनों देशों को संयम और संवाद का रास्ता अपनाना होगा।”
कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन हालात संवेदनशील बने हुए हैं। दोनों देशों ने शांति की इच्छा जरूर जताई है, लेकिन हवाई ऑपरेशन ने मौजूदा स्थिति को और विस्फोटक बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत जल्द बहाल नहीं हुई तो संघर्ष बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।
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