इज़रायल ने दक्षिण लेबनान पर बरसाए नए हवाई हमले, नाजुक युद्धविराम टूटने की कगार पर
dailyhulchul
मंगलवार को इज़रायली वायुसेना ने दक्षिण लेबनान पर ताज़ा और भयंकर हवाई हमलों की बौछार कर दी। इज़रायली सेना ने इन्हें हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर “पूर्व-निवारक हमले” बताया। पिछले हफ्ते बेयरूत के दक्षिणी इलाके में हुए घातक हमले के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिसने अमेरिका द्वारा कराई गई नाजुक युद्धविराम संधि को गंभीर संकट में डाल दिया है।
लेबनानी सुरक्षा सूत्रों और सरकारी मीडिया के अनुसार कम से कम सात जगहों पर हमले हुए:
- माउंट साफी पर संदिग्ध हिज़्बुल्लाह ट्रेनिंग कैंप
- ज्बा कस्बे के आवासीय इलाके
- ज़ेफ्ता घाटी और अज़्ज़ा-रुमिन अर्की के बीच के गाँव
दक्षिण में कई घंटों तक विस्फोटों की गूंज सुनाई देती रही। बैरूत से भी धुएँ के घने गुबार दिखाई दिए। कई घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह तबाह हो गए, हालांकि मंगलवार के हमलों में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इज़रायली सेना (IDF) ने बयान जारी कर कहा कि हमलों में हिज़्बुल्लाह की एलीट रदवान फोर्स का विशेष ऑपरेशन ट्रेनिंग कंपाउंड, कई हथियार भंडार और एक रॉकेट लॉन्चर ठिकाना तबाह कर दिया गया। IDF ने X पर लिखा, “हम युद्धविराम के आड़ में हिज़्बुल्लाह को फिर से हथियारबंद होने की इजाज़त नहीं देंगे।”
हमले उस वक्त हुए जब कुछ घंटे पहले ही इज़रायल ने दक्षिण के कुछ हिस्सों में नागरिकों को खाली करने की दुर्लभ चेतावनी जारी की थी। पिछले हफ्ते ही बेयरूत में इज़रायली हमले में हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर हयथम अली तबातबाई मारे गए थे।
लेबनानी नेता तुरंत कार्रवाई की माँग कर रहे हैं बाब्दा पैलेस से लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने चेतावनी दी कि इज़रायली आक्रमकता जारी रही तो “पूरी क्षेत्र को फिर से बड़े युद्ध में धकेल देगी”। प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा कि युद्धविराम की निगरानी के लिए लेबनान अमेरिकी और फ्रांसीसी सैनिकों सहित विदेशी फौजों को अपने क्षेत्र में तैनात करने को तैयार है।
संवाददाताओं से बोले सलाम, “बिल्कुल तैयार हैं। हमें दोनों पक्षों का भरोसा जीतने वाला मज़बूत तंत्र चाहिए।”
हिज़्बुल्लाह अब तक खामोश, तनाव चरम पर मंगलवार शाम तक हिज़्बुल्लाह ने हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है – यह खतरनाक संकेत है क्योंकि संगठन ने पहले कहा था कि जब तक इज़रायल लेबनान पर हमले और दक्षिण के पाँच विवादित ठिकानों पर कब्ज़ा जारी रखेगा, वह हथियार नहीं डालेगा।
अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी पिछले महीने जारी यूएन रिपोर्ट में कहा गया था कि नवंबर 2024 के युद्धविराम के बाद लेबनान में इज़रायली हमलों से 127 नागरिक मारे जा चुके हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। रिपोर्ट में इज़रायल पर संभावित “युद्ध अपराध” का आरोप लगाते हुए जाँच की माँग की गई थी।
दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं और अमेरिका अपनी कूटनीतिक उपलब्धि बचाने के लिए छटपटा रहा है। लेबनान में डर है कि यह नया और कहीं ज़्यादा ख़तरनाक दौर की शुरुआत हो सकती है।
The news is from Aljazeera.
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
टिप्पणियाँ