गुरुग्राम में दिल दहला देने वाला मामला: लिव-इन पार्टनर की गला घोंटकर हत्या, शव को घर के पीछे दफनाया; आरोपी गिरफ्तार
dailyhulchul
गुरुग्राम के सेक्टर-57 में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। पुलिस ने 35 साल के एक व्यक्ति को अपनी लिव-इन पार्टनर की गला घोंटकर हत्या करने और शव को किराए के मकान के पीछे उथले गड्ढे में दफना देने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, मृतका रितु (28, नाम परिवर्तित) पिछले एक साल से अधिक समय से आरोपी राजेश कुमार (35, नाम परिवर्तित) के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। 2 दिसंबर की रात घरेलू कामकाज को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ। गुस्से में राजेश ने रितु का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। डर के मारे उसने शव को कंबल में लपेटकर मकान के पीछे निर्माणाधीन प्लॉट में दफना दिया।
लगभग एक हफ्ते तक शव दबा रहा। पड़ोसियों को रितु के अचानक गायब होने और राजेश के संदिग्ध व्यवहार पर शक हुआ। रितु के भाई ने 7 दिसंबर को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। एक ऑटो चालक की सूचना पर पुलिस ने रविवार (8 दिसंबर) दोपहर करीब 4 बजे शव बरामद कर लिया। पोस्टमार्टम में गला घोंटने से मौत की पुष्टि हुई है।
आरोपी राजेश कुमार, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और दिहाड़ी मजदूर है, फरीदाबाद में अपने रिश्तेदार के घर छिपा हुआ था। सोमवार देर रात पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने हत्या कबूल कर ली, लेकिन इसे “दुर्घटना” बताया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
रितु उत्तर प्रदेश की रहने वाली थी और दो साल पहले गुरुग्राम में नौकरानी का काम करने आई थी। परिजन शव लेने गांव से गुरुग्राम पहुंच रहे हैं।
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और घरेलू हिंसा अधिनियम के सख्त क्रियान्वयन की मांग की है। यह इस साल गुरुग्राम में घरेलू हिंसा से जुड़ी पांचवीं हत्या का मामला है।
पुलिस ने आम जनता से ऐसी किसी भी घटना की जानकारी गोपनीय रूप से हेल्पलाइन नंबर 1091 पर देने की अपील की है। जांच जारी है।
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
टिप्पणियाँ