गाजा में तूफान बायरन का खतरा, मानवीय संकट और युद्धविराम उल्लंघन जारी
dailyhulchul
फिलिस्तीनी मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज से शुक्रवार शाम तक पूरे फिलिस्तीन, खासकर युद्धग्रस्त गाजा में तूफान बायरन के कारण अचानक बाढ़, तेज हवाएं और ओले पड़ेंगे।
गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने इसे “बेहद खतरनाक” बताया है। उन्होंने कहा कि पट्टी में लाखों विस्थापित लोग पतले-पतले और कमजोर तंबुओं में रह रहे हैं, जिनमें बाढ़, ठंड और तेज हवाओं से कोई सुरक्षा नहीं है। ये तंबू भीड़भाड़ वाले हैं और ज्यादातर बाढ़-प्रवण इलाकों में लगे हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, गाजा में 761 अस्थायी शिविरों में करीब 8.5 लाख विस्थापित लोग रह रहे हैं। इस सर्दी में पहले आए तूफानों में भी सैकड़ों शिविर डूब चुके हैं।
इसी बीच, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली सेना ने रात और सुबह बड़े पैमाने पर छापे मारे। हेब्रोन, जेनिन, कालकिलिया, तुल्करम, बेथलेहम, नाबलुस और पूर्वी यरुशलम समेत कई इलाकों से कम से कम 14 फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया गया।
अक्टूबर 2023 से अब तक इजरायल के हमलों में गाजा में कम से कम 70,366 फिलिस्तीनी शहीद हो चुके हैं और 1,71,064 घायल हुए हैं। वहीं, 7 अक्टूबर 2023 के हमास के हमले में इजरायल में 1,139 लोग मारे गए थे और करीब 200 लोगों को बंधक बनाया गया था।
तूफान बायरन के आने से पहले सहायता एजेंसियों ने फिर चेतावनी दी है कि युद्ध, मानवीय सामग्री पर सख्त पाबंदियां और अब भयंकर सर्दी का तूफान मिलकर गाजा की आबादी को और गहरे संकट में धकेल रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
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