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लोकसभा में राहुल गांधी और अमित शाह के बीच चुनावी सुधारों पर तीखी नोकझोंक

dailyhulchul

11 December, 2025 5 मिनट पढ़ें
लोकसभा में राहुल गांधी और अमित शाह के बीच चुनावी सुधारों पर तीखी नोकझोंक

लोकसभा में मंगलवार को गृह मामलों की स्थायी समिति की रिपोर्ट पर बहस के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर तीखी बहस हुई।

राहुल गांधी ने मतदाता सूची में पारदर्शिता, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के कामकाज और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े प्रावधानों पर सवाल उठाए। उन्होंने कई बार “वोट चोरी” शब्द का इस्तेमाल करते हुए सरकार से जवाब मांगे और अमित शाह को इस मुद्दे पर विस्तृत सार्वजनिक चर्चा के लिए चुनौती दी।

अमित शाह के जवाब के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में कई INDIA गठबंधन के सांसदों ने सरकार के उत्तर से असंतुष्ट होकर सदन से वॉकआउट कर दिया।

बुधवार को मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री ने उनके उठाए गए बिंदुओं का सीधा जवाब नहीं दिया और बहस के दौरान दबाव में नजर आए। उन्होंने कहा, “कल अमित शाह जी बहुत नर्वस थे। उनके हाथ कांप रहे थे… वह बहुत मानसिक दबाव में हैं।” राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने जो मुद्दे उठाए, उन पर सरकार कोई ठोस साक्ष्य नहीं दे सकी।

इसके बाद कांग्रेस नेता ने इस parliamentary exchange का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सरकार के जवाब को “रक्षात्मक” बताया।

फिलहाल, बीजेपी ने राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री की बॉडी लैंग्वेज को लेकर किए गए व्यक्तिगत टिप्पणियों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

यह बहस देश में चुनावों के संचालन और निगरानी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी मतभेदों को एक बार फिर उजागर करती है। दोनों पक्ष पहले भी एक-दूसरे पर चुनावी प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने या प्रभाव डालने का आरोप लगाते रहे हैं।

संसद का शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक जारी रहेगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण बिल और चर्चाएँ शामिल होंगी।

मुख्य बिंदु

  • युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
  • 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
  • क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं

"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"

— डॉ. राजेश कुमार, राजनीतिक विश्लेषक, JNU

सांख्यिकी और तथ्य

67%
युवा मतदाता पंजीकरण में वृद्धि
45%
युवा राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी
78%
सोशल मीडिया पर राजनीतिक कंटेंट शेयर करते हैं
5.2M
नए युवा मतदाता रजिस्ट्रेशन

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