दिल्ली में जहरीली धुंध का कहर जारी, AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में 358-385 के आसपास; कई इलाकों में ‘गंभीर’ स्तर
dailyhulchul
राजधानी दिल्ली और एनसीआर एक बार फिर घने स्मॉग की गिरफ्त में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में 358 से 385 के बीच दर्ज किया गया है। सुबह के समय कई इलाकों में AQI 400 पार कर ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गया, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और उड़ानें प्रभावित हुईं।
प्रमुख इलाकों में AQI का हाल
- आनंद विहार: 415-416 (‘गंभीर’)
- विवेक विहार: 411-412 (‘गंभीर’)
- जहांगीरपुरी: 404 (‘गंभीर’)
- रोहिणी: 399 (‘बहुत खराब’)
- आरके पुरम: 374 (‘बहुत खराब’)
- अन्य इलाके जैसे वजीरपुर, आईटीओ और नेहरू नगर में भी AQI 350-400 के बीच।
प्रदूषण के मुख्य कारण
- कम हवा की रफ्तार और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक हवा में फंस रहे हैं।
- सड़क की धूल, निर्माण कार्य, कचरा जलाना और वाहनों का उत्सर्जन प्रमुख योगदानकर्ता।
- कोहरे के साथ स्मॉग मिलकर स्थिति को और गंभीर बना रहा है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
यह जहरीली हवा सांस की बीमारियां, आंखों में जलन और हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ा रही है। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। डॉक्टर N95 मास्क पहनने और घर में रहने की अपील कर रहे हैं।
सरकार के सख्त कदम (GRAP स्टेज-4 लागू)
- दिल्ली-NCR में GRAP के स्टेज-4 के सभी प्रतिबंध लागू।
- बाहर से आने वाले गैर-BS-VI डीजल/पेट्रोल वाहनों और BS-III/BS-IV वाहनों पर रोक।
- बिना वैध PUC प्रमाणपत्र वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा (आज से लागू)।
- कार्यालयों में 50% वर्क फ्रॉम होम, निर्माण कार्यों पर बैन।
- स्कूलों में हाइब्रिड क्लासेस, एयरपोर्ट पर लो विजिबिलिटी प्रक्रिया शुरू; कई उड़ानें देरी से।
- ट्रैफिक जाम कम करने के लिए टोल प्लाजा पर विचार।
आगे की स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक कोहरा और कम हवा की स्थिति बनी रहेगी, जिससे AQI ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में रह सकता है। हवा की रफ्तार बढ़ने पर राहत मिलने की उम्मीद।
दिल्लीवासी अनावश्यक बाहर न निकलें, मास्क पहनें और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें। यह रिपोर्ट CPCB, टाइम्स ऑफ इंडिया और अन्य स्रोतों के लेटेस्ट अपडेट्स पर आधारित है। सुरक्षित रहें!
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
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