रूस-यूक्रेन युद्ध: रूसी हमलों में 3 बच्चों समेत कई लोगों की मौत
dailyhulchul
यूक्रेन में जारी रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर और भी भयावह होता दिख रहा है। ताज़ा रूसी हमलों में कम से कम तीन बच्चों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब शांति वार्ता को लेकर उम्मीदें जताई जा रही थीं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, रूसी सेना ने यूक्रेन के कई इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों का असर रिहायशी क्षेत्रों पर भी पड़ा, जहां मासूम बच्चों समेत आम नागरिक इसकी चपेट में आ गए। धमाकों से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
हमलों में यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को भी निशाना बनाया गया है। बिजली स्टेशनों और सप्लाई लाइनों को नुकसान पहुंचने के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। प्रशासन ने हालात को देखते हुए आपातकालीन बिजली कटौती लागू की है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां घायलों को अस्पताल पहुंचाने और प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। वहीं, बढ़ते हमलों के कारण लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है और बड़ी संख्या में नागरिक सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।
गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन साल से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही। शांति वार्ता और कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद लगातार हो रहे हमले यह संकेत दे रहे हैं कि संघर्ष अभी लंबा चल सकता है, जिसकी सबसे बड़ी कीमत आम नागरिकों, खासकर बच्चों को चुकानी पड़ रही है।
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
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