यूपी में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला: बुजुर्ग की मौत, बेटी 5 साल बाद भूखी हालत में मिली
dailyhulchul
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी की भूख और उपेक्षा के कारण मौत हो गई, जबकि उनकी मानसिक रूप से दिव्यांग बेटी को लगभग पांच साल तक कैद और भूखे रखे जाने के बाद बेहद गंभीर हालत में बरामद किया गया।
मृतक की पहचान ओमप्रकाश सिंह राठौर के रूप में हुई है। पत्नी की मृत्यु के बाद उन्होंने अपने और बेटी की देखभाल के लिए एक दंपती को केयरटेकर के रूप में रखा था। लेकिन आरोप है कि इसी दंपती ने पिता-पुत्री को घर में बंद कर बाहरी दुनिया से पूरी तरह काट दिया।
परिजनों के अनुसार लंबे समय तक संपर्क न होने पर उन्हें शक हुआ। जब वे घर पहुंचे तो ओमप्रकाश सिंह बेहद कमजोर अवस्था में मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वहीं उनकी बेटी रश्मि जीवित मिली, लेकिन उसकी हालत बेहद चिंताजनक थी। लंबे समय तक भोजन और इलाज न मिलने के कारण वह कंकाल जैसी स्थिति में पहुंच चुकी थी। फिलहाल उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है और इलाज जारी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित केयरटेकर दंपती ने घर पर कब्जा कर लिया था और पिता-बेटी को जानबूझकर भोजन, दवाइयों और सामाजिक संपर्क से वंचित रखा। पुलिस को शक है कि इस क्रूरता के पीछे संपत्ति या आर्थिक लाभ का उद्देश्य हो सकता है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जो पूरी तरह दूसरों पर निर्भर होते हैं।
मामले की जांच जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।
मुख्य बिंदु
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- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
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