देश/विदेश

इजराइल गाज़ा में कई एनजीओ के संचालन पर लगाएगा रोक, मानवीय संकट बढ़ने की आशंका

dailyhulchul

31 December, 2025 5 मिनट पढ़ें
इजराइल गाज़ा में कई एनजीओ के संचालन पर लगाएगा रोक, मानवीय संकट बढ़ने की आशंका

इजराइल ने गाज़ा पट्टी में काम कर रहे कई अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के संचालन को रोकने का फैसला किया है। इजराइली सरकार के अनुसार, यह कदम उन संगठनों के खिलाफ उठाया जा रहा है जो नए पंजीकरण और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। यह प्रतिबंध जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा।

इजराइली अधिकारियों का कहना है कि नए नियमों के तहत एनजीओ को अपने कर्मचारियों, वित्तीय स्रोतों और गतिविधियों से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी। सरकार का दावा है कि यह फैसला सुरक्षा कारणों से जरूरी है ताकि किसी भी तरह से सहायता का दुरुपयोग न हो सके।

इस फैसले की चपेट में कई बड़े और प्रसिद्ध मानवीय संगठन भी आ सकते हैं, जो लंबे समय से गाज़ा में स्वास्थ्य सेवाएं, भोजन, दवाइयां और आपात राहत उपलब्ध कराते आ रहे हैं। इजराइल का कहना है कि जिन संगठनों ने निर्धारित समय सीमा में जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए, उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए जाएंगे।


मानवीय संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता

मानवीय संगठनों ने इस फैसले पर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी साझा करने की मांग से उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। साथ ही, इससे गाज़ा में राहत कार्यों पर गहरा असर पड़ेगा, जहां पहले से ही हालात बेहद खराब हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कई देशों ने भी इजराइल के इस निर्णय पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि गाज़ा में बड़ी आबादी भोजन, चिकित्सा और आश्रय जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए मानवीय संगठनों पर निर्भर है। ऐसे में एनजीओ के काम पर रोक लगने से आम नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।


गाज़ा में हालात और गंभीर

गाज़ा में लगातार संघर्ष, सीमित आपूर्ति और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण मानवीय स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। लाखों लोग विस्थापित हैं और अस्पतालों, राहत शिविरों व सहायता केंद्रों पर भारी दबाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एनजीओ की गतिविधियां सीमित होती हैं, तो स्वास्थ्य सेवाएं और राहत वितरण और भी प्रभावित हो सकता है।

इजराइल का यह फैसला सुरक्षा चिंताओं के नाम पर लिया गया है, लेकिन इसके मानवीय प्रभावों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि क्या इजराइल नियमों में कोई नरमी लाता है या फिर गाज़ा में राहत कार्यों पर इसका गहरा असर पड़ता है।

मुख्य बिंदु

  • युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
  • 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
  • क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं

"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"

— डॉ. राजेश कुमार, राजनीतिक विश्लेषक, JNU

सांख्यिकी और तथ्य

67%
युवा मतदाता पंजीकरण में वृद्धि
45%
युवा राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी
78%
सोशल मीडिया पर राजनीतिक कंटेंट शेयर करते हैं
5.2M
नए युवा मतदाता रजिस्ट्रेशन

संबंधित आर्टिकल्स

सोशल मीडिया पर फॉलो करें

हर रोज़ ताज़ी खबरें, अपडेट्स और एक्सक्लूसिव कंटेंट के लिए हमें फॉलो करें

टिप्पणियाँ

टिप्पणी छोड़ें

आपकी ईमेल पता प्रकाशित नहीं होगा।