गाज़ा में बाढ़ से डूबे टेंट में नवजात की मौत; जबालिया में इज़रायली हमले में महिला की जान गई
dailyhulchul
भीषण ठंड और लगातार बारिश की मार झेल रहे गाज़ा में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। नरसंहार के कारण बेघर हुए परिवार की एक बच्ची की रातभर की बारिश में टेंट में पानी भरने से मौत हो गई।
शोक में डूबी मां ने अल जज़ीरा को बताया,
“बारिश रुक ही नहीं रही थी और ठंड बढ़ती जा रही थी। अचानक मैंने देखा कि मेरी छोटी बच्ची बिल्कुल स्थिर है… वो मर चुकी थी।”
तेज हवाओं और बारिश के बीच स्टॉर्म बायरन ने गाज़ा की मानवीय त्रासदी को और गहरा कर दिया है। हजारों परिवार बिना सुरक्षित छत और गर्म कपड़ों के खुले आसमान के नीचे ठिठुरने को मजबूर हैं।
जबालिया में इज़रायली हमला, एक महिला की मौत
उत्तरी गाज़ा के जबालिया में इज़रायली हमले में कम से कम एक महिला की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन संसाधनों की भारी कमी हालात को और मुश्किल बना रही है।
यूएन प्रतिनिधि का बयान: “हजारों लोग ठंड और भूख से मरने की कगार पर”
संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि फ्रांसेस्का अल्बानीज़ ने गाज़ा की स्थिति को “रोक न सकने वाला डरावना सपना” बताया।
उन्होंने कहा कि भीषण मौसम के बीच हजारों फिलिस्तीनी ठंड और भूख से जूझ रहे हैं, जबकि उन्हें किसी भी प्रकार की बुनियादी मदद नहीं मिल पा रही है।
युद्ध का बढ़ता आंकड़ा
अक्टूबर 2023 से इज़रायल के गाज़ा पर जारी हमलों में 70,369 फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है और 171,069 घायल हुए हैं।
वहीं 7 अक्टूबर 2023 के हमलों में 1,139 इज़रायली मारे गए थे और करीब 200 लोगों को बंधक बनाया गया था।
कठोर सर्दी, भोजन की कमी और लगातार हमलों के बीच गाज़ा की आबादी एक अभूतपूर्व मानवीय संकट का सामना कर रही है।
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
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