बांग्लादेश में शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा: ढाका सहित कई शहरों में आगजनी और तोड़फोड़
dailyhulchul
बांग्लादेश के प्रमुख छात्र नेता और 2024 के ‘जुलाई विद्रोह’ के नायक शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत के बाद देशभर में व्यापक हिंसा भड़क उठी है। हादी की मौत की खबर फैलते ही हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जिससे राजधानी ढाका सहित चटगांव और राजशाही जैसे शहरों में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं सामने आईं। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने शांति की अपील की है और शनिवार को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया है।
शरीफ उस्मान हादी की मौत कैसे हुई?
32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी इंकलाब मंच के प्रवक्ता और ढाका-8 सीट से आगामी फरवरी 2026 चुनाव के लिए निर्दलीय उम्मीदवार थे। 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उन्हें पहले ढाका में भर्ती कराया गया, फिर 15 दिसंबर को बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि 18 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। हादी भारत विरोधी बयानों और ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ जैसे विवादास्पद नक्शों के लिए जाने जाते थे।
हिंसा की मुख्य घटनाएं
हादी की मौत की खबर के बाद देर रात से ही प्रदर्शन हिंसक हो गए:
- ढाका के करवान बाजार में प्रमुख अखबारों ‘प्रथम आलो’ और ‘द डेली स्टार’ के दफ्तरों पर हमला किया गया। दोनों इमारतों में आग लगा दी गई, जिसमें दर्जनों पत्रकार फंस गए थे। दमकलकर्मियों ने उन्हें बचाया, लेकिन दोनों अखबारों की छपाई रुक गई।
- सांस्कृतिक संस्था ‘छायानट’ के केंद्र को जलाया गया।
- शेख मुजीबुर रहमान (पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता) के ऐतिहासिक घर पर फिर हमला हुआ और उसे आग के हवाले कर दिया गया।
- राजशाही में अवामी लीग के दफ्तर को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया।
- चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायोग पर पथराव हुआ और एक पूर्व अवामी लीग मंत्री के घर में आग लगाई गई। प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी और शेख हसीना विरोधी नारे लगाए। कई जगहों पर राजमार्ग अवरुद्ध किए गए।
अंतरिम सरकार की प्रतिक्रिया
नोबेल विजेता मुहम्मद यूनुस ने राष्ट्र को संबोधित कर हादी की मौत को ‘राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति’ बताया। उन्होंने कहा, “हादी जुलाई विद्रोह के निडर योद्धा थे। हम हत्यारों को जल्द पकड़ेंगे और पारदर्शी जांच कराएंगे।” यूनुस ने हिंसा से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने की चेतावनी दी और शांति बनाए रखने की अपील की। सरकार ने हादी के परिवार की जिम्मेदारी लेने और शनिवार (20 दिसंबर) को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित करने की घोषणा की। सभी सरकारी इमारतों पर झंडा आधा झुका रहेगा और मस्जिदों में विशेष प्रार्थना होगी। पुलिस ने दो संदिग्धों की तस्वीरें जारी कीं और इनाम घोषित किया है।
व्यापक संदर्भ
यह हिंसा 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश की नाजुक राजनीतिक स्थिति को उजागर करती है। हादी की मौत ने भारत विरोधी भावनाओं को फिर भड़का दिया है, क्योंकि हसीना भारत में शरण लिए हुए हैं। सुरक्षा बलों को बड़े पैमाने पर तैनात किया गया है ताकि जुमे की नमाज के बाद और हिंसा न भड़के। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और चुनाव से पहले स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
टिप्पणियाँ