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सरकारी और निजी कंपनियों के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य, उल्लंघन पर जुर्माना

dailyhulchul

17 December, 2025 5 मिनट पढ़ें
सरकारी और निजी कंपनियों के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य, उल्लंघन पर जुर्माना

दिल्ली में प्रदूषण संकट के बीच दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सभी सरकारी और निजी कंपनियों को 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) मोड में काम करने का आदेश दिया गया है। इस निर्देश का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

प्रदूषण का गंभीर स्तर

15 दिसंबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुबह में 498 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, यह गिरावट पिछले दिन से जारी थी। इसके जवाब में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली में GRAP-IV लागू कर दिया, जो सबसे सख्त antipollution उपाय हैं।

मुख्य उपाय

  • वर्क फ्रॉम होम: सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में कम से कम 50% कर्मचारी घर से काम करेंगे। उल्लंघन पर जुर्माना।
  • निर्माण कार्य बंद: प्रदूषण नियंत्रण के तहत निर्माण कार्यों पर रोक। पंजीकृत निर्माण मजदूरों को 10,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
  • वाहन प्रतिबंध: दिल्ली में BS-VI मानक से नीचे के गैर-दिल्ली वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित। बिना PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा।
  • स्कूलों में हाइब्रिड मोड: कक्षा 6 से 9 तक के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन कक्षाओं का मिश्रित तरीका अपनाया जाएगा।
  • GRAP-IV पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लागू, जिसमें नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद शामिल हैं।

मौसम और प्रभाव

शनिवार से सोमवार तक घने स्मॉग ने दृश्यता कम कर दी, जिससे सड़क दुर्घटनाएं, वाहनों की टक्करें और उड़ानें रद्द/विलंब हुईं। दिल्ली एयरपोर्ट ने एडवाइजरी जारी की। मंगलवार से तेज हवाओं और कम कोहरे के कारण राहत मिली – AQI मंगलवार को 354 से घटकर बुधवार सुबह 329 पर पहुंच गया।

मंत्री का बयान

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आंशिक माफी मांगते हुए कहा, “दिल्ली वासियों से माफी मांगता हूं, लेकिन किसी भी सरकार के लिए 9-10 महीनों में प्रदूषण पूरी तरह खत्म करना असंभव है।”

यह निर्देश प्रदूषण को नियंत्रित करने और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए तत्काल कदम है। कंपनियों से तुरंत पालन करने की अपील की गई है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी नोटिफिकेशन देखें।

मुख्य बिंदु

  • युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
  • 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
  • क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं

"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"

— डॉ. राजेश कुमार, राजनीतिक विश्लेषक, JNU

सांख्यिकी और तथ्य

67%
युवा मतदाता पंजीकरण में वृद्धि
45%
युवा राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी
78%
सोशल मीडिया पर राजनीतिक कंटेंट शेयर करते हैं
5.2M
नए युवा मतदाता रजिस्ट्रेशन

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