राजनीति और शासन

दिल्ली में सनसनीखेज हत्या: पति ने कार में चलते-चलते पत्नी को गोली मार दी, शव बागपत में फेंका

dailyhulchul

28 November, 2025 5 मिनट पढ़ें

नई दिल्ली, 28 नवंबर 2025 – दिल्ली में एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई है। 25 साल की एक युवती की उसके पति ने कथित तौर पर कार में गोली मारकर हत्या कर दी और फिर शव को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेतों में फेंक दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी पति और उसके 17 साल के नाबालिग साथी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार यह खौफनाक घटना 20 नवंबर को हुई। दिल्ली में रहने वाला यह दंपति कार से कहीं घूमने निकला था। नाबालिग साथी के बयान के मुताबिक, पति ने पहले से ही हत्या की योजना बना रखी थी क्योंकि पति-पत्नी में लगातार झगड़े हो रहे थे। घर लौटते वक्त रास्ते में गुस्से में आकर पति ने कार के अंदर ही पत्नी को गोली मार दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर शव को बागपत के एक सुनसान इलाके में फेंक दिया और फरार हो गए।

मृतका घर नहीं लौटी तो परिजनों को शक हुआ। 21 नवंबर को उन्होंने दिल्ली के दयालपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान पति का फोन बंद मिला और वह फरार हो गया। नाबालिग साथी की गिरफ्तारी के बाद उसके बयान पर पुलिस को बड़ा सुराग मिला। आरोपी पति के बताए स्थान से पुलिस ने बुरी तरह सड़ चुका शव बरामद कर लिया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह आरोपी की दूसरी शादी थी और दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। आरोपी ने पूछताछ में कहा कि “पैसों को लेकर विवाद” था, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है। उसका इरादा पत्नी को रास्ते से हटाने का था ताकि झगड़ों से छुटकारा मिल जाए।

मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और 3(5) (साझा इरादे से अपराध) के तहत दर्ज किया गया है। दोनों आरोपी हिरासत में हैं, नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई हो रही है।

यह घटना एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते घरेलू हिंसा के मामलों पर सवाल उठा रही है। मृतका के परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

News sources – Times of India

मुख्य बिंदु

  • युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
  • 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
  • क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं

"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"

— डॉ. राजेश कुमार, राजनीतिक विश्लेषक, JNU

सांख्यिकी और तथ्य

67%
युवा मतदाता पंजीकरण में वृद्धि
45%
युवा राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी
78%
सोशल मीडिया पर राजनीतिक कंटेंट शेयर करते हैं
5.2M
नए युवा मतदाता रजिस्ट्रेशन

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड अगले कुछ वर्षों में और भी मजबूत होगा। डिजिटल लिटरेसी और राजनीतिक जागरूकता का यह संयोजन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नया अध्याय लिख रहा है।

आगे का रास्ता

यह स्पष्ट है कि युवा पीढ़ी न केवल वोट देने में रुचि रखती है, बल्कि नीति निर्माण, सामाजिक मुद्दों और राष्ट्रीय विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहती है। राजनीतिक दलों और सरकारों को इस बदलते परिदृश्य को समझकर अपनी रणनीति तैयार करनी होगी।

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