गोवा नाइटक्लब में भीषण आग, 25 लोगों की मौत
dailyhulchul
गोवा के नॉर्थ गोवा स्थित अर्पोरा इलाके में बने हाई-प्रोफाइल नाइटक्लब Birch by Romeo Lane में रविवार तड़के भीषण आग लगने से कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 4 पर्यटक और 14 स्टाफ सदस्य शामिल हैं।
आग शनिवार आधी रात 12:04 बजे के आसपास एक बेली डांसिंग लाइव परफॉर्मेंस के दौरान अचानक भड़क उठी। अंदर से मिले वीडियो फुटेज में दिखता है कि मंच के पीछे की छत से अचानक आग की लपटें उठीं, जिसके बाद कलाकार और बैंड के सदस्य दहशत में भागने लगे और भीड़ में अफरा-तफरी मच गई।
आंखों-देखी गवाहों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में क्लब धुएं से भर गया और कई लोग अंदर फंस गए। फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन आग की तीव्रता और संकरे एग्जिट रास्तों के कारण बचाव कार्य मुश्किल हो गया।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रविवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा,
“जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस ने नाइटक्लब के मालिक सौरभ लूथरा और जनरल मैनेजर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही से मौत का कारण बनने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। सूत्रों के अनुसार, दोनों को जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्लब भूमि मालिकों के साथ विवाद के बीच संचालित हो रहा था और हाल के महीनों में सुरक्षा उल्लंघन को लेकर कई शिकायतें दर्ज हुई थीं।
गोवा के डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक टीम स्थल की जांच कर रही है। शुरुआती अंदाजे में शॉर्ट सर्किट या सजावटी लाइट्स से उठी चिंगारी को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है।
घटना के बाद पर्यटन सीजन पर गहरा असर पड़ा है और सरकार ने राज्य भर के सभी नाइटक्लब और बार में फायर सेफ्टी ऑडिट तुरंत शुरू करने का आदेश दिया है।
सभी शवों को गोवा मेडिकल कॉलेज भेजा गया है और कई झुलसे हुए शरीरों की पहचान डीएनए सैंपलिंग की मदद से की जा रही है।
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
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