स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO ने दिल्ली मेट्रो में महिलाओं के स्वास्थ्य पर शुरू किया महीने भर का जागरूकता अभियान
dailyhulchul
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से दिल्ली मेट्रो में महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण पर केंद्रित एक महीने लंबा जागरूकता अभियान शुरू किया है।
यह अभियान 10 दिसंबर को सुल्तानपुर मेट्रो स्टेशन पर उद्घाटन के साथ शुरू हुआ और 10 जनवरी 2026 तक चलेगा। मेट्रो ट्रेनों के अंदर और चुनिंदा स्टेशनों पर बड़े-बड़े पोस्टर एवं संदेश प्रदर्शित किए जा रहे हैं, ताकि रोज़ाना लाखों यात्रियों तक ये ज़रूरी बातें पहुँच सकें।
अभियान के मुख्य विषय:
- महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा
- मानसिक स्वास्थ्य सहायता
- डिजिटल समावेशन और साक्षरता
- भ्रूण लिंग जांच रोकने संबंधी PC-PNDT कानून की जानकारी
- तपेदिक (टीबी) की रोकथाम और उपचार
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुन्या सलीला श्रीवास्तव ने कहा, “दिल्ली मेट्रो का उपयोग करके हम इन महत्वपूर्ण संदेशों को लाखों लोगों तक पहुँचा रहे हैं। इससे राजधानी में महिलाओं और लड़कियों में जागरूकता बढ़ेगी और वे सशक्त होंगी।”
यह अभियान लैंगिक संवेदी स्वास्थ्य नीतियों को बढ़ावा देने और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक तथा प्रजनन अधिकारों जैसे शहरी मुद्दों को संबोधित करने की राष्ट्रीय कोशिशों का हिस्सा है।
देश की सबसे व्यस्त सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में चल रहे इस हाई-विजिबिलिटी अभियान का उद्देश्य व्यवहार परिवर्तन लाना और महिलाओं-लड़कियों को स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच प्रदान करना है।
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
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