इमरान खान की सेहत पर गंभीर संकट: आंखों में ब्लॉकेज के बाद स्वास्थ्य खतरे में
dailyhulchul
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने गंभीर चिंता जताई है। पार्टी के अनुसार, खान को दाहिनी आंख में सेंट्रल रेटिनल वेन ओक्लूज़न नामक गंभीर समस्या का पता चला है, जिसमें आंख की नसों में ब्लॉकेज हो जाता है। यदि समय पर उचित इलाज नहीं किया गया तो इससे दृष्टि स्थायी रूप से प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
PTI का आरोप है कि जेल प्रशासन खान को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं दे रहा है और उनके निजी डॉक्टर को कई महीनों से उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। पार्टी ने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए कहा है कि इससे खान की हालत और बिगड़ सकती है।
जेल में इलाज को लेकर विवाद
इमरान खान फिलहाल रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं, जहां वे विभिन्न मामलों में सजा काट रहे हैं। PTI का कहना है कि खान को तत्काल किसी बड़े अस्पताल में भर्ती कराकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज कराया जाना चाहिए। पार्टी का दावा है कि जेल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं उनकी मौजूदा स्थिति के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
वहीं, सरकारी पक्ष का कहना है कि खान को हाल ही में आंख की जांच और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था और वापस जेल भेज दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि उनकी सेहत पर नियमित नजर रखी जा रही है।
परिवार और वकीलों से मिलने का मुद्दा
PTI ने यह भी आरोप लगाया है कि अदालत के आदेश के बावजूद खान को परिवार और वकीलों से मिलने नहीं दिया जा रहा। पार्टी इसे मानवाधिकारों के उल्लंघन से जोड़कर देख रही है और मांग कर रही है कि खान को उनके निजी डॉक्टर, परिवार और कानूनी सलाहकारों से तुरंत मिलने की अनुमति दी जाए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और माहौल
इमरान खान के समर्थकों और पार्टी नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना है कि खान की सेहत से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज करना न केवल अमानवीय है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।
संक्षेप में
इमरान खान की आंखों में गंभीर ब्लॉकेज का पता चला है, जिससे उन्हें स्थायी दृष्टिहानि का खतरा बताया जा रहा है। PTI ने सरकार और जेल प्रशासन पर पर्याप्त इलाज न देने और परिवार व निजी डॉक्टर से मिलने से रोकने के आरोप लगाए हैं, जबकि सरकारी पक्ष का कहना है कि खान को जरूरी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। इस मामले ने पाकिस्तान के राजनीतिक और मानवाधिकार हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
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