IndiGo की बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द — देशभर में हज़ारों यात्री प्रभावित
dailyhulchul
नई दिल्ली, 4 दिसंबर 2025: भारत की प्रमुख एयरलाइन IndiGo द्वारा आज लगभग 170–180 उड़ानें रद्द किए जाने के बाद देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर हवाई यातायात गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे सहित कई बड़े शहरों में यात्रियों को लंबी देरी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अकेले 73 उड़ानों को रद्द किया गया, जबकि बाकी शहरों के टर्मिनलों पर भी यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्थाओं की तलाश में घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ी।
रद्दीकरण के पीछे मुख्य कारण
IndiGo और विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, इस व्यवधान के पीछे मुख्य रूप से —
- पायलटों की गंभीर कमी
- DGCA द्वारा लागू की गई नई उड़ान-दायित्व और विश्राम अवधि नियमावली
- सर्दियों की उड़ान-सारिणी में बदलाव
- तकनीकी त्रुटियाँ और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियाँ
- हवाई यातायात में वृद्धि
1 नवंबर से लागू हुए नए नियमों के तहत पायलटों के साप्ताहिक विश्राम समय में वृद्धि और रात में लैंडिंग की संख्या पर प्रतिबंध लगाया गया है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि IndiGo इन बदलावों के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं कर सकी।
यात्रियों में असंतोष और अव्यवस्था
कई हवाई अड्डों पर टिकट काउंटरों के बाहर लंबी कतारें, भीड़भाड़, सीमित जानकारी और रिफंड सेवाओं में देरी के कारण बड़ी संख्या में यात्रियों ने नाराज़गी व्यक्त की।
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर भी शिकायतों की बाढ़ आ गई।
इसके साथ ही, IndiGo की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस कई हवाई अड्डों पर 20% से भी नीचे दर्ज की गई।
वित्तीय बाज़ार में भी असर देखा गया, जहाँ InterGlobe Aviation के शेयर 3.4% गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए और सप्ताहिक स्तर पर लगभग 6% की गिरावट दर्ज की गई।
IndiGo और DGCA की प्रतिक्रिया
IndiGo ने बयान जारी कर कहा कि संचालन को स्थिर बनाने के लिए अगले 48 घंटों में समय-सारिणी का क्रमिक समायोजन किया जा रहा है, जिससे यात्रियों की असुविधा को कम किया जा सके।
वहीं, DGCA ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और जांच प्रक्रिया शुरू की है।
पायलट संगठनों ने आरोप लगाया है कि एयरलाइन ने समय रहते पर्याप्त मानव संसाधन योजना नहीं बनाई, जिसके परिणामस्वरूप यह स्थिति उत्पन्न हुई।
आगे की स्थिति
IndiGo देश के घरेलू हवाई यातायात में अग्रणी एयरलाइन है, इसलिए यह व्यवधान आगामी दिनों में जारी रह सकता है, विशेषकर त्योहारों और छुट्टियों के बढ़ते यात्रा दबाव को देखते हुए।
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
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