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KGF और Kantara के मेकर्स Hombale Films जल्द बन सकते हैं RCB के नए मालिक!

dailyhulchul

20 November, 2025 5 मिनट पढ़ें
KGF और Kantara के मेकर्स Hombale Films जल्द बन सकते हैं RCB के नए मालिक!

दुबई: इंडियन प्रीमियर लीग की मौजूदा चैंपियन टीम Royal Challengers Bengaluru (RCB) के अधिग्रहण को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Kantara, KGF और Salaar जैसी ब्लॉकबस्टर फ़िल्में बनाने वाली कन्नड़ प्रोडक्शन कंपनी Hombale Films RCB को खरीदने के लिए उन्नत बातचीत (advanced talks) में है।

जानकारी के मुताबिक, RCB की वर्तमान मालिक कंपनी Diageo India IPL 2026 से पहले टीम को बेचने की योजना बना रही है। हालांकि किसी भी पक्ष ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार Hombale Films टीम की पार्ट-ओनरशिप लेने के करीब है।

दोनों संस्थाएँ बेंगलुरु आधारित होने के कारण इस संभावित डील को शहर की मनोरंजन और खेल इंडस्ट्री के बीच महत्वपूर्ण तालमेल माना जा रहा है।
Hombale Films इससे पहले 2023 में RCB की डिजिटल पार्टनर रह चुकी है और टीम के लिए प्रमोशनल कंटेंट भी बना चुकी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिग्रहण प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक पूरी हो सकती है।

2025 में पहली बार IPL खिताब जीतने के बाद RCB की ब्रांड वैल्यू लगभग 2 बिलियन डॉलर तक पहुँच गई है, जिससे यह दुनिया की सबसे मूल्यवान क्रिकेट फ्रेंचाइज़ी में से एक बन गई है।

RCB अधिग्रहण की संभावित दौड़ में अन्य बड़े नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं—
Zerodha के को-फाउंडर निखिल कामत, Adani Group, JSW Group, और Serum Institute के अदार पूनावाला।

इस बीच, RCB ने 2026 मिनी-ऑक्शन से पहले अपनी रिटेंशन सूची जारी की है, जिसमें Liam Livingstone और Lungi Ngidi को रिलीज़ कर दिया गया है, जबकि 2025 की चैंपियन टीम के अधिकांश खिलाड़ियों को बरकरार रखा गया है।

मुख्य बिंदु

  • युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
  • 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
  • क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं

"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"

— डॉ. राजेश कुमार, राजनीतिक विश्लेषक, JNU

सांख्यिकी और तथ्य

67%
युवा मतदाता पंजीकरण में वृद्धि
45%
युवा राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी
78%
सोशल मीडिया पर राजनीतिक कंटेंट शेयर करते हैं
5.2M
नए युवा मतदाता रजिस्ट्रेशन

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड अगले कुछ वर्षों में और भी मजबूत होगा। डिजिटल लिटरेसी और राजनीतिक जागरूकता का यह संयोजन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नया अध्याय लिख रहा है।

आगे का रास्ता

यह स्पष्ट है कि युवा पीढ़ी न केवल वोट देने में रुचि रखती है, बल्कि नीति निर्माण, सामाजिक मुद्दों और राष्ट्रीय विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहती है। राजनीतिक दलों और सरकारों को इस बदलते परिदृश्य को समझकर अपनी रणनीति तैयार करनी होगी।

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