देश/विदेश

लखनऊ में खौफनाक हत्याकांड: लिव-इन पार्टनर की गला रेतकर हत्या, बेटियों ने भी की मदद; CCTV निगरानी बनी मौत की वजह

dailyhulchul

10 December, 2025 5 मिनट पढ़ें
लखनऊ में खौफनाक हत्याकांड: लिव-इन पार्टनर की गला रेतकर हत्या, बेटियों ने भी की मदद; CCTV निगरानी बनी मौत की वजह

घटना का पूरा विवरण

लखनऊ के ग्रीन सिटी अपार्टमेंट में 7 दिसंबर की रात करीब 11 बजे एक 46 वर्षीय इंजीनियर सूर्य प्रताप की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या उसकी लिव-इन पार्टनर रत्ना देवी (46) और उसकी दो नाबालिग बेटियों (उम्र 15 और 17 वर्ष) ने मिलकर की। झगड़े के दौरान बेटियों ने सूर्य प्रताप को दबोचकर रखा और रत्ना देवी ने रसोई का चाकू निकालकर उसका गला रेत दिया। खून से लथपथ शव सोमवार सुबह मिला।

हत्या की वजह: सालों का यौन शोषण और कैद जैसा जीवन

पुलिस उपायुक्त (पूर्व) शशांक सिंह ने बताया:

  • सूर्य प्रताप लंबे समय से रत्ना देवी की दोनों बेटियों के साथ छेड़छाड़ और शारीरिक शोषण करता था।
  • वह बड़ी बेटी के प्रति गलत नीयत रखता था।
  • घर में तीन सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे और मोबाइल पर लाइव फीड देखकर तीनों को घर से बाहर नहीं जाने देता था।
  • मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर रत्ना और उसकी बेटियों ने यह कदम उठाया।

आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी

सोमवार सुबह करीब 10 बजे रत्ना देवी ने खुद पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन करके कहा, “मैंने अपने पार्टनर की हत्या कर दी है।” पुलिस मौके पर पहुंची तो खून से सना चाकू और सीसीटीवी डीवीआर बरामद किया गया। रत्ना देवी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दोनों नाबालिग बेटियों को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेजा जा रहा है।

दोनों का पुराना रिश्ता

  • सूर्य प्रताप और रत्ना देवी का परिचय 2012 में हुआ था जब वह उसकी बेटियों को ट्यूशन पढ़ाने आता था।
  • 2014 में रत्ना के पति की मौत के बाद दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।
  • दोनों के परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे।
  • मृतक के पिता का आरोप: “रत्ना और उसकी बेटियां मेरे बेटे से पैसे ऐंठती थीं।”

पुलिस की अपील

पुलिस ने कहा है कि घरेलू हिंसा या यौन शोषण की किसी भी स्थिति में चुप न रहें। हेल्पलाइन नंबर 112 या महिला हेल्पलाइन 181 पर तुरंत संपर्क करें।

यह मामला घर के अंदर चल रही खामोश यातना और नियंत्रण की उस पराकाष्ठा को सामने लाता है, जहां निगरानी का डर आखिरकार खून बनकर बह गया।

मुख्य बिंदु

  • युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
  • 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
  • क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं

"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"

— डॉ. राजेश कुमार, राजनीतिक विश्लेषक, JNU

सांख्यिकी और तथ्य

67%
युवा मतदाता पंजीकरण में वृद्धि
45%
युवा राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी
78%
सोशल मीडिया पर राजनीतिक कंटेंट शेयर करते हैं
5.2M
नए युवा मतदाता रजिस्ट्रेशन

संबंधित आर्टिकल्स

सोशल मीडिया पर फॉलो करें

हर रोज़ ताज़ी खबरें, अपडेट्स और एक्सक्लूसिव कंटेंट के लिए हमें फॉलो करें

टिप्पणियाँ

टिप्पणी छोड़ें

आपकी ईमेल पता प्रकाशित नहीं होगा।