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न्यूयॉर्क सिटी मेयर ममदानी ने उद्घाटन के तुरंत बाद हाउसिंग योजनाओं की शुरुआत की

dailyhulchul

2 January, 2026 5 मिनट पढ़ें
न्यूयॉर्क सिटी मेयर ममदानी ने उद्घाटन के तुरंत बाद हाउसिंग योजनाओं की शुरुआत की

नए साल के कुछ ही घंटे बाद, न्यूयॉर्क सिटी के 112वें मेयर ज़ोहरान ममदानी ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद शहर में हाउसिंग और किराया नियंत्रण से जुड़े बड़े कदम उठाए। इन पहलों का उद्देश्य शहर में बढ़ती महंगी आवास समस्या से निपटना और किरायेदारों को सुरक्षा प्रदान करना है।

मेयर ममदानी ने नए प्रशासन के पहले दिन तीन कार्यकारी आदेश जारी किए, जिनका केंद्र बिंदु हाउसिंग संकट से निपटना था। इन आदेशों के तहत शहर में किरायेदारों के अधिकारों की सुरक्षा, किराया स्थिरीकरण वाले घरों में किराया नियंत्रण और शहरी भूमि का उपयोग आवास विकास के लिए करने पर जोर दिया गया।

प्रमुख हाइलाइट्स

  • किरायेदार सुरक्षा: मेयर ने किरायेदार संरक्षण कार्यालय को पुनः सक्रिय करने का आदेश दिया, ताकि बिना सुरक्षित आवास वाले किरायेदारों को कानूनी सहायता और सुरक्षा मिल सके।
  • नए टास्क फोर्स का गठन:
    • LIFT (Land Inventory Fast Track): शहर के सरकारी ज़मीन को आवास निर्माण के लिए सूचीबद्ध और विकसित करने में मदद करेगा।
    • SPEED (Streamlining Procedures to Expedite Equitable Development): निर्माण प्रक्रिया को तेज़ करने और कागज़ी बाधाएँ हटाने पर काम करेगा।
  • किराया नियंत्रण और निर्माण: मेयर ने दोहराया कि किराया स्थिरित मकानों पर किराया वृद्धि को नियंत्रित किया जाएगा और अधिक किफायती घरों का निर्माण किया जाएगा ताकि अधिक लोग बिना परेशानी शहर में रह सकें।

ममदानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जहाँ इतने सारे किराए की किश्तें बकाया हैं, हम इंतज़ार नहीं करेंगे — हम अब कार्य करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि हाउसिंग संकट ही शहर की सस्ते आवास की समस्या का मूल कारण है और इसका समाधान तत्काल होना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम ममदानी प्रशासन के मंहगी आवास नीति और किराया नियंत्रण योजनाओं को प्राथमिकता देने का संकेत है। हालांकि, चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं — विशेष रूप से बड़े पैमाने पर किफायती घरों के निर्माण और स्थिर किराया लागू करने में कानूनी तथा वित्तीय बाधाएँ।

यह नई पहल ममदानी के जनता के लिए अधिक सस्ता और समावेशी न्यूयॉर्क बनाने के वादे के अनुरूप है, और जल्द ही इससे जुड़े नीतिगत फैसलों का शहर पर गहरा प्रभाव देखने को मिल सकता है।

मुख्य बिंदु

  • युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
  • 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
  • क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं

"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"

— डॉ. राजेश कुमार, राजनीतिक विश्लेषक, JNU

सांख्यिकी और तथ्य

67%
युवा मतदाता पंजीकरण में वृद्धि
45%
युवा राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी
78%
सोशल मीडिया पर राजनीतिक कंटेंट शेयर करते हैं
5.2M
नए युवा मतदाता रजिस्ट्रेशन

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