सीरिया संघर्ष: हसकाह में सीज़फ़ायर दवाब में, सरकारी सैनिक आगे बढ़े
dailyhulchul
सीरिया में संघर्ष भयंकर हिंसा के बाद शांति समझौते पर दवाब के बीच सरकार ने पूर्वोत्तर शहर हसकाह की ओर सेना भेज दी है, जिससे सीज़फ़ायर की स्थिरता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सीरियाई सरकार और कुर्द नेतृत्व वाले सीरियाई लोकतांत्रिक बलों (SDF) के बीच कुछ दिनों पहले ही सीज़फ़ायर और शक्ति एकीकरण का समझौता हुआ था, जिसके तहत SDF को ईऊफ्रेट्स नदी के पूर्व की ओर हट जाना और सरकार को प्रशासनिक नियंत्रण सौंपना था।
लेकिन बीते सोमवार को सरकार के सैनिकों ने हसकाह शहर के दक्षिणी हिस्से के पास पैनोरामा चौराहे तक अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, जो शहर प्रवेश मार्ग से मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी पर है, स्थानीय सूत्रों के मुताबिक़ यह कार्रवाई बिना भारी लड़ाई के हुई।
समझौते के अनुसार SDF को अपनी सैन्य इकाइयों को हटाकर सरकार की सुरक्षा संस्थाओं में शामिल होना था, लेकिन इलाके में तनाव अब भी जारी है। SDF और सरकारी बलों के बीच कुछ इलाकों में टकराव की खबरें भी आई हैं, हालांकि कुछ जगहों पर संघर्ष शांत हुआ है।
एक गंभीर मुद्दा आईएस (ISIS) बंदियों की मुक्ति भी है। सरकारी पक्ष का आरोप है कि SDF ने हसकाह के निकट अल-शद्दादी जेल से आईएस के कई कैदियों को छोड़ दिया, जिससे सुरक्षा को खतरा हुआ है। सरकार ने धमकी दी है कि ऐसे किसी भी सुरक्षा उल्लंघन की जवाबदेही SDF की होगी।
इस घटना से सीज़फ़ायर के सफल क्रियान्वयन पर शंकाएँ गहरा गयी हैं। दोनों पक्ष एक दूसरे पर दोष लगाने में लगे हैं और समझौते की शर्तों पर आम सहमति को बनाए रखना चुनौती बन गया है।
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