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थाईलैंड-कंबोडिया सीमा संघर्ष

dailyhulchul

11 December, 2025 5 मिनट पढ़ें

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर चौथे दिन भी भारी गोलीबारी और तोपखाने का आदान-प्रदान जारी है। यह लड़ाई 8 दिसंबर 2025 से शुरू हुई और तेजी से बढ़ गई है। दोनों देश एक-दूसरे पर पहले हमला करने और नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगा रहे हैं।

मुख्य बातें

  • लड़ाई का केंद्र: प्रीह विहार मंदिर (11वीं सदी का यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल) और आसपास का विवादित इलाका।
  • हथियार: थाईलैंड के F-16 लड़ाकू विमान, टैंक, 155mm तोपें; कंबोडिया के BM-21 रॉकेट लॉन्चर और 122mm रॉकेट।
  • अब तक का नुकसान: कम से कम 18 सैनिक और नागरिक मारे गए, 500,000 से ज्यादा लोग विस्थापित।
  • दोनों तरफ स्कूल बंद, कर्फ्यू और मार्शल लॉ लागू।

दिन-प्रतिदिन की स्थिति

दिनतारीखमुख्य घटनाएँ
18 दिसंबरसीमा पर गोलीबारी शुरू, थाईलैंड ने F-16 से कंबोडियाई ठिकानों पर बमबारी की।
29 दिसंबरलड़ाई तटीय इलाके (त्रात प्रांत) तक फैली, थाई टैंकों ने कंबोडियाई कैसीनो को निशाना बनाया।
310 दिसंबर12 से ज्यादा जगहों पर भारी लड़ाई, थाई सेना ने एक रणनीतिक पहाड़ी पर कब्जा किया।
411 दिसंबरसुबह से फिर हमले, कंबोडिया ने UN सुरक्षा परिषद में शिकायत दर्ज की।

हताहत और विस्थापन

श्रेणीथाईलैंडकंबोडियाकुल
सैनिक मारे गए86 (आधिकारिक), अनुमान 20 तक14+
घायल सैनिक80+50+130+
नागरिक मारे गए010 (1 शिशु सहित)10+
विस्थापित लोगलगभग 4 लाख1.34 लाख5 लाख से ज्यादा

कंबोडिया में मंदिर, स्कूल, घर और सड़कें क्षतिग्रस्त। प्रीह विहार और ता क्रबे मंदिरों को भी नुकसान पहुंचा।

दोनों देशों के बयान

  • कंबोडिया: थाईलैंड पर “नृशंस आक्रमण” का आरोप, नागरिक क्षेत्रों और मंदिरों पर हमले की निंदा।
  • थाईलैंड: दावा है कि कंबोडिया ने प्राचीन मंदिरों को हथियारों के गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया, इसलिए जवाबी कार्रवाई जरूरी थी।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

  • अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज दोनों नेताओं से फोन पर बात करेंगे, बोले — “मैं एक फोन करके युद्ध रोक सकता हूँ।”
  • मलेशिया और आसियान: बातचीत की कोशिश जारी।
  • संयुक्त राष्ट्र और यूनेस्को: संयम बरतने और मंदिरों की सुरक्षा की अपील।
  • चीन, भारत, जापान, यूरोपीय संघ ने भी शांति की अपील की।

वर्तमान स्थिति

अभी भी गोलीबारी जारी है, कोई नया युद्धविराम नहीं हुआ। दोनों तरफ भारी हथियार और सैनिक तैनात हैं। ट्रंप की मध्यस्थता से कुछ उम्मीद है, लेकिन स्थिति बहुत तनावपूर्ण बनी हुई है।

मुख्य बिंदु

  • युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
  • 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
  • क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं

"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"

— डॉ. राजेश कुमार, राजनीतिक विश्लेषक, JNU

सांख्यिकी और तथ्य

67%
युवा मतदाता पंजीकरण में वृद्धि
45%
युवा राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी
78%
सोशल मीडिया पर राजनीतिक कंटेंट शेयर करते हैं
5.2M
नए युवा मतदाता रजिस्ट्रेशन

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