थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर तीसरे दिन भी भड़की, 5 लाख से ज्यादा लोग घर छोड़ने को मजबूर
dailyhulchul
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर भड़की हिंसा बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। भारी गोलीबारी, रॉकेट हमले और हवाई हमलों के बीच अब तक कम से कम 13 लोग मारे जा चुके हैं और 5 लाख से ज्यादा लोग अपना घर-बार छोड़कर भागने को मजबूर हो गए हैं।
लगभग 800 किलोमीटर लंबी इस सीमा पर लगभग हर प्रांत में झड़पें हो रही हैं। बुधवार सुबह थाई एफ-16 लड़ाकू विमानों ने कंबोडिया के सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसके जवाब में कंबोडियाई सेना ने चार थाई प्रांतों के 12 इलाकों में रॉकेट और तोपों से गोलाबारी की। अकेले सुरिन प्रांत में पांच अलग-अलग जगहों पर भयंकर लड़ाई हुई।
पुराना विवाद, नया विस्फोट
इस ताजा हिंसा की शुरुआत पिछले महीने हुई जब सीमा के पास एक थाई सैनिक लैंडमाइन विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गया। बैंकॉक ने इसके लिए फ्नॉम पेन्ह को जिम्मेदार ठहराया, जबकि कंबोडिया ने इससे इनकार किया। इसके बाद थाईलैंड ने अक्टूबर में मलेशिया में हुई शिखर वार्ता में तय शांति समझौते को निलंबित कर दिया।
प्राचीन मंदिरों और सीमा रेखा को लेकर दोनों देशों में दशकों पुराना विवाद है। यह इस साल की सबसे भयानक झड़प है। जुलाई में हुई पांच दिन की लड़ाई में दर्जनों लोग मारे गए थे और 3 लाख लोग विस्थापित हुए थे।
दोनों तरफ के आरोप-प्रत्यारोप
थाई रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुरासक कोंगसिरी ने कहा, “हमने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए लोगों को बड़े पैमाने पर निकाला है। 7 प्रांतों से 4 लाख से ज्यादा लोग सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाए गए हैं।”
विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेतकेओ ने साफ कहा, “हमने यह लड़ाई शुरू नहीं की। जब तक सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, बातचीत संभव नहीं।”
दूसरी तरफ कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने थाई सेना पर “नागरिक इलाकों पर अंधाधुंध गोलाबारी” का आरोप लगाया। पूर्व प्रधानमंत्री और मौजूदा सीनेट अध्यक्ष हुन सेन ने चेतावनी दी, “हमारी सेना को मजबूरन जवाब देना पड़ा। यह लड़ाई जल्दी खत्म होने वाली नहीं है।”
मानवीय संकट: आधा मिलियन लोग बेघर
थाईलैंड में 4 लाख से ज्यादा और कंबोडिया में 1 लाख 1 हजार से अधिक लोग घर छोड़ चुके हैं। थाईलैंड के सुरिन में एक अस्पताल के पास रॉकेट गिरे, जिससे मरीजों और स्टाफ को घंटों बंकर में छिपना पड़ा।
कंबोडिया के ओड्डर मींचेय प्रांत में 10 हजार विस्थापित लोग नीले तिरपाल के टेंट में रह रहे हैं। एक सहायता कर्मी ने कहा, “यहां न पानी ठीक है, न भोजन। लोग डरे हुए हैं कि लड़ाई और फैल जाएगी तो फिर भागना पड़ेगा।”
दुनिया देख रही है: ट्रंप ने फिर मध्यस्थता की पेशकश की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर खुद को मध्यस्थ बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मुझे फिर फोन करना पड़ेगा। थाईलैंड और कंबोडिया जैसे दो ताकतवर देशों की जंग कौन रोक सकता है? सिर्फ मैं!”
कंबोडिया ने थाईलैंड में चल रहे दक्षिण-पूर्व एशियाई खेलों से नाम वापस ले लिया। आसियान देशों ने संयम बरतने की अपील की है, लेकिन अभी तक कोई आपात बैठक नहीं बुलाई गई।
शांति का रास्ता अभी धुंधला
दोनों देश शांति तो चाहते हैं, लेकिन एक-दूसरे पर भरोसा नहीं कर रहे। पांच प्रांतों में फैली इस लड़ाई का कोई तत्काल अंत नजर नहीं दिख रहा।
सीमा पर रहने वाले आधे मिलियन लोग बस एक ही दुआ मांग रहे हैं – “हम बस अपने घर लौटना चाहते हैं, लेकिन घर अब जंग का मैदान बन चुका है।”
मुख्य बिंदु
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