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यूपी में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला: बुजुर्ग की मौत, बेटी 5 साल बाद भूखी हालत में मिली

dailyhulchul

31 December, 2025 5 मिनट पढ़ें
यूपी में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला: बुजुर्ग की मौत, बेटी 5 साल बाद भूखी हालत में मिली

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी की भूख और उपेक्षा के कारण मौत हो गई, जबकि उनकी मानसिक रूप से दिव्यांग बेटी को लगभग पांच साल तक कैद और भूखे रखे जाने के बाद बेहद गंभीर हालत में बरामद किया गया।

मृतक की पहचान ओमप्रकाश सिंह राठौर के रूप में हुई है। पत्नी की मृत्यु के बाद उन्होंने अपने और बेटी की देखभाल के लिए एक दंपती को केयरटेकर के रूप में रखा था। लेकिन आरोप है कि इसी दंपती ने पिता-पुत्री को घर में बंद कर बाहरी दुनिया से पूरी तरह काट दिया।

परिजनों के अनुसार लंबे समय तक संपर्क न होने पर उन्हें शक हुआ। जब वे घर पहुंचे तो ओमप्रकाश सिंह बेहद कमजोर अवस्था में मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वहीं उनकी बेटी रश्मि जीवित मिली, लेकिन उसकी हालत बेहद चिंताजनक थी। लंबे समय तक भोजन और इलाज न मिलने के कारण वह कंकाल जैसी स्थिति में पहुंच चुकी थी। फिलहाल उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है और इलाज जारी है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित केयरटेकर दंपती ने घर पर कब्जा कर लिया था और पिता-बेटी को जानबूझकर भोजन, दवाइयों और सामाजिक संपर्क से वंचित रखा। पुलिस को शक है कि इस क्रूरता के पीछे संपत्ति या आर्थिक लाभ का उद्देश्य हो सकता है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जो पूरी तरह दूसरों पर निर्भर होते हैं।

मामले की जांच जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।

मुख्य बिंदु

  • युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
  • 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
  • क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं

"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"

— डॉ. राजेश कुमार, राजनीतिक विश्लेषक, JNU

सांख्यिकी और तथ्य

67%
युवा मतदाता पंजीकरण में वृद्धि
45%
युवा राजनीतिक चर्चाओं में भागीदारी
78%
सोशल मीडिया पर राजनीतिक कंटेंट शेयर करते हैं
5.2M
नए युवा मतदाता रजिस्ट्रेशन

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