ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम! CJP की 3 बड़ी मांगें | Jantar Mantar 2.0
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद के बीच CJP ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। 24 सितंबर 2026 को दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। संगठन ने SIR प्रक्रिया को रोकने, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव की मांग भी रखी। CJP ने कहा है कि 48 घंटे में मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में आंदोलन और दिल्ली में ‘Jantar Mantar 2.0’ किया जाएगा। ये CJP द्वारा किए गए दावे और मांगें हैं। वहीं, Election Commission ने SIR और आयुक्तों के बीच मतभेद से जुड़ी रिपोर्टों के संदर्भ में कहा है कि अलग-अलग विचार और टिप्पणियां आंतरिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। इस वीडियो में जानिए CJP की तीन मांगें क्या हैं, 48 घंटे का अल्टीमेटम क्या है और ‘Jantar Mantar 2.0’ की चेतावनी क्यों दी गई है।
मुख्य बिंदु
- युवा मतदाता पंजीकरण में 67% की वृद्धि दर्ज की गई है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं
- 18-25 आयु वर्ग के युवा अब राजनीतिक बहसों में सक्रिय भागीदारी ले रहे हैं
- क्लाइमेट चेंज और डिजिटल राइट्स टॉप प्राथमिकताओं में शामिल हैं
"आज का युवा केवल मतदाता नहीं है, बल्कि वह नीति निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है। यह परिवर्तन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।"
सांख्यिकी और तथ्य
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड अगले कुछ वर्षों में और भी मजबूत होगा। डिजिटल लिटरेसी और राजनीतिक जागरूकता का यह संयोजन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नया अध्याय लिख रहा है।
आगे का रास्ता
यह स्पष्ट है कि युवा पीढ़ी न केवल वोट देने में रुचि रखती है, बल्कि नीति निर्माण, सामाजिक मुद्दों और राष्ट्रीय विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहती है। राजनीतिक दलों और सरकारों को इस बदलते परिदृश्य को समझकर अपनी रणनीति तैयार करनी होगी।